Sunday, September 5, 2010

सुलगते जिस्म-1

लेखिका : नेहा वर्मा

झांसी एक एतिहासिक नगर है, वहां के रहने वाले लोग भी बहुत अच्छे हैं ... दूसरों की सहायता तहे दिल से करते है। मेरे पति के साथ मैं झांसी आई थी।

मेरे पति की नौकरी झांसी से लगभग 10 किलोमीटर दूर बी एच ई एल में थी, हम भोपाल से स्थानान्तरित होकर झांसी आये तो सबसे पहले हमने वहां किराये का मकान ढूंढा और जल्दी ही हमें कॉलोनी में मकान मिल भी गया। मकान मालिक ने अपने लड़के सुनील को हमारी सहायता के लिये लगा दिया था।

पहले दिन तो खाना वगैरह का इन्तजाम तो उसने ही कर दिया था। बड़ा ही हंसमुख था वो।

यह बात अलग है कि उसका इरादा आरम्भ से ही बहुत नेक था। एक जवान लड़की सामने हो तो उन्हें अपना मतलब पहले दिखने लगता था। मैं उसकी नजरें तो समझ चुकी थी पर वो ही तो एक हमारा मदद करने वाला था, उसे मैं छोड़ती कैसे भला।

एक-दो दिन में उसने हमारी घर की सेटिंग करवा दी थी और शायद वो भी अपने आप की सेटिंग मुझसे कर रहा था। उसे देख कर मुझे बड़ा ही रोमांच सा हो रहा था।

सुलगते जिस्म-2

लेखिका : नेहा वर्मा

नई जवानी थी ... कुछ ही देर में वो फिर से तरोताज़ा था।

मेरी चूत को अब उसका लंबा और मोटा लौड़ा चाहिये था। उसके लिये मुझे अधिक इन्तज़ार नहीं करना पड़ा।

मैंने उसे अपनी चूंचियाँ दर्शा कर प्यार से फिर उकसाया। उसका नंगा बदन मुझे बार बार चुभ रहा था ... मेरी चूत उसका लण्ड देख कर बार बार फ़ड़फ़ड़ा रही थी। पर मन की बात कैसे कह दूँ ... स्त्री सुलभ लज्जा के कारण बस मैं उसके लण्ड को बड़ी तरसती हुई नजरों से देख रही थी।

"भाभी आपने तो कपड़े पहन लिये ... ये क्या ... मुझे देखो ... मेरा तो लण्ड ... " मैंने शरम के मारे उसके मुख पर अंगुली रख दी, पर वो तो मेरी अंगुली ही चूसने लगा।

"आह्ह्ह सुनील, ऐसा मत बोल ... तूने तो मेरी पिछाड़ी को आज मस्त कर दिया ... अब और क्या मुझे पूरी नंगी करेगा ... "

ननद के आशिक से चुद गई बन्नो !

लेखिका : काजल


सभी अन्तर्वासना पढ़ने वालों को और प्यारे गुरु जी को काजल का खुली जवानी की अंगडाई लेते हुए नमस्कार !


अब मैं अंतर वासना की पक्की पाठक बन चुकी हूँ ! जबसे इस वेबसाइट से नाता जोड़ा है, मेरी जवानी की प्यास और बढ़ने लगी है ! जब लोग अपनी बिस्तर की हरक़त हकीकत में अन्तर्वासना पे ले आते हैं तो सोचा, मैं भी अपनी एक ऐसी चुदाई सबके सामने लाऊँ जो मुझे कभी नहीं भूलेगी !


दोस्तों ! मैं एक बहुत ही चुदासी औरत हूँ ! स्कूल से लेकर कॉलेज टाइम में मैंने बहुत नाम कमाया! लड़कों के साथ मेरे किस्से जुड़ने आम बात थी! कॉलेज के अच्छे से अच्छे लड़के के साथ मेरा नाम जुड़ता ! कम उम्र के लड़कों का चस्का मुझ में हवस डाल गया!


तभी मेरे कॉलेज के किस्से जब घर तक आने लगे तो माँ ने लड़का ढूंढ़ लिया और मेरी शादी का फैसला ले लिया, जिसका मैंने बहुत विरोध किया और माँ को कई खरी खोटियाँ सुनाई ! आखिर उनके ही बनाये गए माहौल में जो देख देख कर बड़ी हुई थी !

तौलिया छोटा है !

लेखक : रिंकू शर्मा

मेरा नाम रिंकू है ! मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ ! मैं आपको तीन साल पुरानी अपनी सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ ! कृपा कर इसे पढें ! मेरा दावा है कि इस कहानी को पढ़ते समय भाइयों के लंड और भाभियों की चूत गीली हो जायेगी और यदि भाइयों के पास चूत का जुगाड़ है तो वो चूत मारने पर विवश हो जायेंगे यदि नहीं है तो मुठ मारेंगे ! लड़कियों और औरतों के पास लंड का जुगाड़ है तो वो चुदवाने पर विवश हो जाएँगी यदि नहीं है तो वो ऊँगली-मैथुन या अपनी चूत में बेंगन जैसी लम्बी चीज़ से मुठ मारेंगी ! मैं आपका ज्यादा समय बर्बाद न करके सीधा पॉइंट पर आता हूँ !

बात उन दिनों की है जब मैं ग्रैजुऐशन कर रहा था ! मेरे दूसरे साल के पेपर चल रहे थे ! हमारे घर में एक किरायेदार आया, जिसकी बीवी का नाम ममता था ! ममता दिखने में कुछ ज्यादा सुंदर नहीं थी पर उसके स्तन बहुत बड़े थे जो हमेशा ब्लाउज से बाहर आने की कोशिश करते थे ! ऐसा लगता था मानो अभी ब्लाउज से बाहर आ जायेंगे ! जिनको देख कर मेरा मन मचल उठा और उसकी गांड के तो क्या कहने ...............!

एक के साथ दूसरी मुफ्त

प्रेषक : भारत

मेरा नाम शिरीष शर्मा है! मैं २० साल का गोरा-चिट्टा नौजवान हूँ और इंदौर में रहता हूँ! आज मैं आप सबको मेरी पहली कहानी बताता हूँ....

मई का महीना था ! घर पर मैं अपने मोम डैड के सांथ रहता हूँ लेकिन उस दिन वो भोपाल गए हुए थे और हमारी काम वाली आ गई! वो बहुत ही सुन्दर है और उसका फिगर ३४ २८ ३४ का है..... !

मैंने दरवाजा खोला और वापस जाकर अपने बेड पर लेट गया ! इतनी देर में मैंने देखा कि वो अपना ब्लाउज़ खोल के हवा खा रही थी! मुझे देख के वो एकदम सहम गई और मैं वहां से उठ के चला गया और न्यूज़ पेपर पढ़ने लगा !

तभी वो मेरे पास आई और बोली," आपने कुछ देखा तो नहीं...............?"

मैंने उसे कहा," कुछ तो शर्म किया करो, ऐसे कहीं भी कपड़े खोल के खड़ी हो जाती हो.....?"

तो वो बोली- बहुत गर्मी हो रही है, भैय्या !! क्या करूँ ?

मैंने कहा,"अब कभी ऐसा मत करना.........!"

तो वो- ठीक है, बोल के चली गई !

लकी प्रोजेक्ट गाइड

प्रेषक : बिग डिक

बात उन दिनों की है जब मैं बैंगलोर में एक अर्धशासकीय कम्पनी में काम करता था। मेरे पास कॉलेज के बहुत सारे छात्र प्रोजेक्ट करने के लिये आते थे और मैं बहुत सिंसियरली उनको प्रोजेक्ट कराता था। मैं सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट ग्रुप में था इसलिये मेरे पास ज्यादातर कम्प्यूटर ब्रान्च के छात्र आते थे, जिसमें ज्यादातर लड़कियाँ होती थीं।

यहाँ मैं आपको बता दूँ कि बैंगलोर की लड़कियाँ बहुत ही आज़ाद ख्यालों वाली होती हैं। उनके कपड़े काफ़ी भड़कीले होते हैं ... टाइट जींस ... जिसमें उनका सुडौल पिछवाड़ा बहुत ही आकर्षक दिखाई देता है। लो कट टी-शर्ट जिसमें से उनके वक्ष का आधा भाग और उनके बीच का दरार काफ़ी उत्तेजक लगता है। ऊपर से वो कुछ ऐसा पर्फ़्यूम छिड़क के आती थीं जो मदमस्त कर देने वाला होता था।

मैं एक अच्छा ओरेटर हूँ इसलिये मेरे बात करने का अन्दाज़ लड़कियों को बहुत भाता है इसलिये लगभग सारी लड़कियाँ किसी ना किसी तरह से मुझे लाइन मारने की कोशिश करती रहती थीं। मैं उनका लाइन मारना, उनके साथ पिक्चर जाना, अम्यूज़मेंट पार्क्स में घूमना, वाटर पार्क्स में उनके भीगे बदन के साथ घूमना, उन्हें देखना इत्यादि तो इन्जॉय करता था पर उससे आगे बढ़ने की ना तो मेरी हिम्मत थी ना ही इच्छा।

मगर किस्मत को तो कुछ और ही मंज़ूर था।

बहुत कुछ होना है डार्लिंग !

प्रेषक : रॉय ओबरॉय

हाय ! मेरा नाम राज है, मैं अपनी कहानी लिखने जा रहा हूँ। वैसे मैं आगरा से हूँ। मेरा कद ५'८.३" है, दिखने में भी ठीक हूँ।

एक दिन मैं नेट पर संवाद कर रहा था तो मुझे एक लड़की मिली जिसका नाम था श्रुति (बदला हुआ नाम), हम दोनों रोज बात किया करते थे। करीब एक साल बात करी हम दोनों ने !

एक दिन वो आगरा आई अपना पेपर देने ! तब उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया। मैं गया मिलने तो उसे देखा। वो सलवार और सूट में थी। मैंने सोचा- अगर यह लड़की मेरी गर्ल-फ़्रेन्ड बन जाए तो कैसा रहेगा। तब मैं उसे मन ही मन में जीन्स और टॉप पहने हुए सोचने लगा। मुझे सोच कर अच्छा लगा। मैंने उससे करीब १० मिनट ही बात की और वो चली गई। मैं भी घर आ गया और उसे मोबाइल पर ही प्रोपोज़ कर दिया।

शाम तक वो मान गई। ऐसे करते करते काफ़ी समय निकल गया और वो मुझ पर विश्वास करने लगी। तब एक दिन मैंने उसे सेक्स के लिए कहा।

पहले उसने कहा- यह संभव नहीं है।

मेरे मनाने पर वो मान गई।

हाँ ! मैं उसक बारे में बताना ही भूल गया। उसका बदन की क्या कहूँ, एक दम मस्त ३४ २९ ३२ ! तो मैंने एक दिन अपने दोस्त का कमरा ले लिया और उसकी चुदाई का प्रोग्राम बनाया। जब हम कमरे में गये तो मैंने जाते ही उसे चूमना शुरू कर दिया। करीब २० मिनट तक किस करता रहा मैं ! उसकी सांसें तेज होने लगी और मेरा हाथ उसकी चूत तक पहुंच गया।

कैसे तृप्त होती होगी !

प्रेषक : संजय शर्मा

आदरणीय पाठको !

मेरी कहानी "फिर दूसरी से कर लेना" अन्तर्वासना पर आ चुकी है ! शायद आप लोगों को अच्छी लगी होगी ! मैं आप लोगों से क्षमा चाहता हूँ क्योंकि मेरा इमेल आईडी गलत लिखा गया ! मेरा सही इमेल कहानी के अन्त में है !

हाँ आगे की घटना इस प्रकार है :

जब तक बड़ी बहन की शादी नहीं हो गई हम चारों रोज ही चुदाई और लंड चुसाई का मजा लूटते रहे ! बाद में जब एक बहन की शादी हो गई तो हम तीनों यानि भैया, मेरी बहन और मैं लगभग रोज ही चुदाई करते रहे ! चूंकि मेरा लंड भैया से बड़ा और मोटा था तो मेरी बहन मुझसे चुदाना पसंद करती थी ! लेकिन भैया को भी चोदने देना पड़ता था ! मज़बूरी भी थी और वो पहले से ही उसको चोदता था !

इस बीच जब भी ताउजी की लड़की से जब भी फ़ोन पर बात होती थी तो कहती- संजय तेरी बहुत याद आती है !

मैंने कहा- आ जाओ ना !

उसने कहा- आने का तो बहुत मन है ! तेरा लंड चूसने और तुझसे चुदवाने का बहुत मन करता है !

मैंने पूछा- क्या जीजा जी नहीं चोदते ?

तू तो कुछ कर

लेखक : राजा गर्ग

दोस्तों ! मेरा नाम राजन है और आज मैं आपको अपने साथ हुए एक हसीन हादसे की कहानी सुना रहा हूँ !

बात तब की है जब मैं ११वी कक्षा में पढ़ता था तो मैं अपने घर से कुछ दूर एक शिक्षक के यहाँ टयूशन पढ़ने जाता था ! मेरे को सुबह ६.३० बजे जाना पड़ता था और फिर स्कूल से आते वक़्त भी जाना पड़ता था थोड़ी देर के लिए ! उस शिक्षक की बीवी जिनका नाम रंजना था, वो भी कभी कभी मुझे पढ़ाती थी ! कसम से ,ऐसी पंजाबन आज तक मैंने नहीं देखी थी ! क्या जिस्म था उसका !!!!! एक आग का गोला, जो देखे बस देखता ही रह जाये और उसके मम्मे इतने बड़े थे कि बस देखते ही पकड़ के खा जाने को जी चाहता था ! मेरी रोज़ की आदत हो गई थी कि मैं उसके मम्मे देख के घर जाता था और मुठ्ठ मार लेता था !

संयोग से एक दिन थापर सर (टयूशन वाले सर) को बाहर जाना पड़ गया तो उन्होंने कहा कि मैडम से काम चेक करा लेना ! मैं उस दिन टयूशन गया और मैडम से काम चेक कराने लगा तो मेरी नज़र फिर उसके मम्मे पर पड़ी !

मेरी पहली ग्राहक

हेल्लो दोस्तो,

आपने मेरी चुदाई की कई कहानियां पढ़ी और मुझे काफी सारे मेल्स भी आये ! आपका बहुत-बहुत धन्यवाद ....! तो दोस्तों मैं फिर पेश करता हूँ अपनी चुदाई की नई कहानी ......

कई बार चुदाई करने के बाद अब मैंने सोच लिया कि इसमें जो मज़ा है वो और किसी चीज़ में नहीं है ! तो मैंने सोचा कि क्यूँ ना कॉल बॉय बन कर अपना चुदाई का शौक पूरा किया जाये ! इससे मुझे कुछ पैसे भी मिल जायेंगे और चुदाई भी करने को मिलेगी ! लेकिन सवाल था कि यह सब कैसे होगा .. ............?

यह जानने के लिए पढ़िये आगे की कहानी ..............

मैं मुंबई में रहता हूँ ! मेरी उम्र २१ साल, कद ६ फीट और रंग मध्यम है ! मेरी बॉडी एवरेज है और मेरे हथियार का साइज़ ६'' है ! मुझे चोदने का बहुत शौक है !

एक दिन मैं ब्लू फिल्म देख रहा था। तब मेरे मन मैं एक ख्याल आया कि क्यों न किसी लड़की को आज होटल में ले जाकर चोदूं ! मैं एक लड़की को पैसे देकर उसे होटल में ले गया और वहां से घर में फ़ोन करके बताया कि मैं आज दोस्त की बर्थडे पार्टी के लिए जा रहा हूँ, इसलिए मैं कल सुबह आऊंगा .. !!!
 
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