Friday, July 16, 2010

चाची की चूत की वासना-१ (chachi ki chut ki vaasna-1)

लेखक: मनीश मलिक

यह जो स्टोरी लिखने जा रहा हूँ वो कल की ही बात है। मेरे एक आंटी है उसकी स्टोरी है। मुझे आंटी बहुत अच्छी लगती थी। क्या माल था। उसकी फ़ीगर ३८-३०-३८ थी

बड़े २ चूतड़ और इतनी सेक्सी गाँड थी कि मेरा लंड उसको देख कर टाइट हो जाता था। गाँड का पूछो मत मोटी मोटी गाँड जब जब वो चलती थी तो गाँड हिलती रहती। जब जब मैंने आंटी की गाँड देखा करता था मेरा लंड जोश में आ जता। आंटी बहुत ही सेक्सी थी। बेचारी आंटी अंकल के लंड से खुश नही थी ।

एक दिन मैं उनके घर गया मीनु आंटी अकेली थी। मैंने आंटी से पूछा कि सब लोग कहाँ है आंटी ने जवाब दिया की अंकल का तो तुमको पता ही है और सभी बच्चे मामा के घर गये हैं, आज रात को नहीं आयेंगे। फिर मैंने आंटी को कहा कि ओके आंटी, मैं चलता हूँ। आंटी ने मुझे रोक लिया और कहा अभी रुक जाओ मुझे नहाना है, तब तक तुम मेरे घर का ख्याल रखना, मैं अभी नहा कर आती हूँ। आंटी नाइटी में थी, पिंक नाइटी में उनके बूब्स बड़े सेक्सी लग रहे थे। मैं रुक गया आंटी नहाने चली गयी।

मैं इनके बेडरूम में आंटी का इन्तज़ार कर रहा था कि अचानक मेरी नज़र बेड पर पड़ी, बेड पर टोवल, पैंटी और ब्रा पड़ा था। ब्रा और पैंटी बहुत बड़ी थी। आंटी ने आवाज़ दी और कहा टोवल दे दो मुझे। मैं आंटी को टोवेल दिया फिर आंटी ने कहा सैम, प्लीज़ मेरी पैंटी और ब्रा भी दे दो। मैंने आंटी को पैंटी और ब्रा भी दे दी। अब आंटी नहा कर निकली। आंटी ने ब्लैक कोटन का सूट पहना हुआ था। आंटी की सफ़ेद ब्रा नज़र आ रही थी। अब मैंने आंटी को कहा आंटी अब मैं चलता हूँ। आंटी ने कहा तुम्हें कुछ काम से जाना है क्या? मैंने जवाब दिया नहीं फिर आंटी ने मुझे कहा कि रुक जाओ मैं अकेली बोर हो जाऊंगी। कुछ बातें करते हैं।

मैं बैठ गया और आंटी अपनी लाइफ़ के बारे में बता रही थी। अब आंटी कुछ खुल कर बातें करने लगी। मेरे से पूछने लगी के तुम्हारी गर्लफ़्रेंड्स हैं या नहीं, कभी सेक्स किया है या नहीं। मैं ऐसी बात सुन के हैरान हो गया। अब मैं भी खुल गया था। मैंने आंटी से फूछा कि आंटी आप को सेक्स पसंद है? आंटी ने जवाब दिया कि सेक्स हर किसी को पसंद होता है पागल। क्या तुम्हें पसंद नहीं है, आंटी ने कहा? मैंने जवाब दिया कभी किया ही नहीं है। आंटी ने कहा झूठ मत बोलो, मुझे मालुम है तुम बहुत बुरे हो तुमने अपनी काम वाली को चोदा है और नेहा को भी, मुझे सब पता है और तुमने उन पर स्टोरी भी लिखी, मैंने भी तुम्हारी स्टोरी कल रात को पढ़ी थी और मेरी चूत गीली हो गयी थी, जी करता था कि तुमको रात को ही अपने घर बुलाकर अपनी प्यास भुझा लूँ, लेकिन बच्चे घर पे थे, झूठ बोलता है, तूने अपना मोबाइल नम्बर भी दे रखा है, लेकिन मैंने सोचा जब घर आओगे तब ही बात करूंगी तुमसे। तेरी माँ को बोलना पड़ेगा कि तेरा विवाह कर दे।

मैं अचानक डर गया। आंटी ने कहा डरो मत, मैं कुछ नहीं कहुंगी। मैंने तो तुमको नंगा भी देखा है। मैंने आंटी से पूछा कब देखा आप ने मुझे नंगा? आंटी ने जवाब दिया जब तुम मेरे घर के बाथरूम में पेशाब कर रहे थे। मैंने कुछ नहीं कहा। मेरी भी चूत प्यासी है क्या अपनि आंटी की प्यास नहीं बुझाओगे स्टोरी में तो लिख रखा है गुलाम हाज़िर है, अब चुप क्यों बैठे हो बोलो, अब तुम्हारा लंड प्यास बुजायेगा मेरी चूत की प्यास को। मैं सोनिया आंटी की बातों से मन ही मन खुश हो रहा था सोचा नहीं था कि कभी कि आंटी खुद तैयार हो जायेगी। मैं उनसे डरता भी था वो बहुत गुस्सेवाली थी। आंटी ने अब अपना हाथ मेरे लंड पर रखा मुझे। तब बहुत अच्छा लगा। मेरी आंटी बहुत प्यासी थी वो बिल्कुल गोरी थी। उनकी उमर ३८ की थी लेकिन अभी भी बिल्कुल जवान लगती थी।

ज़िंदगी में आज पहली बार ३८ साल की औरत के साथ सेक्स करने जा रहा था। अब आंटी ने मुझसे कहा अपनी पैंट उतारो। मैं भी देखूँ तुम्हारा प्यारा सा लंड। मैंने अपनी पैंट उतार दी। मैंने उस दन अंडरवियर नहीं पहना हुआ था। मैं अब नीचे से नंगा था। आंटी मेरे पास आयी और मेरी शर्ट भी उतार दी और मुझे पूरा नंगा कर दिया। आंटी को मेरा लंड बहुत अच्छा लगा। आंटी ने मेरा हाथ अपने बूब्स पर रखा और कहा प्रेस करते रहो प्लीज़। मैंने खूब प्रेस किये। आंटी को मज़ा आ रहा था। फिर आंटी ने अपनी कमीज़ उतारी फिर सलवार उतरी। फिर मेरे लंड को चूसने लगी। फिर मैं आंटी की ब्रा खोलने की कोशिश कर रहा था। तो आंटी मुस्करा कर बोली बेटा मैं खोल देती हूँ। फिर आंटी ने ब्रा खोल दी और पैंटी भी उतार दी। अब आंटी का गोरा गोरा जिस्म मेरे सामने पूरा नंगा था।

आंटी ने अपने बड़े बड़े बूब्स को मेरे लंड पर रख दिये और अपने बूब्स से मुझे चुदाई का मज़ा दे रही थी। कुछ देर बाद मैं आंटी की चूत को चाटने लगा। आंटी की सेक्सी सेक्सी आवाज़ें निकल रही थी आआआआआह्हह्हह्हह्ह ऊऊऊह्हह्हह्हह्हह सैम बेटा आआआह्हह्हह्हह्हह ज़ोर से बेटा आआआह्हह्हह्हह्ह तेरी आंटी प्यासी है मेरी प्यास बुझा दे बेटा। आआआआअह्हह्हह्हह्ह। आंटी ने कहा। अब अपना लंड मेरी चूत में डालो। प्यासी है मेरी चूत, प्यास भुजाओ जल्दी। मैंने आंटी की दोनों टांगों को अपने हाथों से अपने कंधों पर रखा और चूत पर ८ इंच का लंड रखा आंटी की चूत टाइट हो रही थी। मैंने हल्का सा धक्का दिया तो आंटी की चीख निकल गयी और आंटी ने कहा आराम से डालो क्या जल्दी है तुमको। मैंने कहा आंटी नहीं अब आराम से डालुंगा। फिर मैंने हल्के हल्के झटकों लगाने शुरु कर दिये। मेरे धक्कों से आंटी को मज़ा आ रहा था।

आंटी की आवाज़ें निकल रही थी। ऊओह्हह्हह्हह्ह ऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़ हाआआ। और डालो और डाल आज मेरी चूत को मज़ा दे दो प्लीज़। तेज़ करो। मैंने तेज़ कर दिया। आंटी मुझे बेड पे ले गयी और मुझे बेड पे धक्का दे दिया और बोली आज तुझसे मैं चुदवाती हूँ। और सोनिया आंटी ने मेरे लंड की टोपी को किस किया और मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे लंड के ऊपर अपनी चूत रख दी और ज़ोर २ से हिलने लगी और चिल्लाने लगी आह्हह्हह्हह्हह बेटा सैम बेटा आआआआह्हह्हह्हह्हह्ह मज़ा आ गया तुम्हारा लंड अब मेरी प्यास बुझा देगा और ज़ोर २ से ऊपर नीचे होने लगी, ऐसे मैं मेरे लंड को भी दर्द हो रहा था। आंटी और मैं दोनों पागल हो गये और मैंने आंटी को उठा लिया और नीचे लिटा कर उनकी टांगें खोल दी और फिर से चुदाई शुरु कर दी, आंटी झड़ने वाली थी। हमको १५-२० मिनट हो गये थे और मेरा भी पानी निकलने वाला था, आंटी ने कहा अंदर नहीं निकालना। मैंने कहा ठीक है आंटी। अब मैंने अपना लंड निकाल लिया और आंटी के बूब्स पर पानी निकाल दिया फिर आंटी ने मेरा लंड चूसा और पानी पी गयी। १५ मिनट तक हम नंगे ही बेड पर लेटे रहे।

फिर मैंने आंटी से कहा आंटी मुझे आप की गाँड मारनी है। आंटी ने जवाब दिया आज से सब कुछ तुम्हारा है बेटा ये गाँड भी तुम्हारी है जब बोलोगे, दे दूंगी मेरे सेक्सी सैम। मैंने कहा अभी मिल सकती है? आंटी ने कहा अभी क्यों नहीं। आंटी ने फिर मेरे लंड को चूसना शुरु किया ५ मिनट के बाद मैंने आंटी की मोटी मोटी गाँड पर अपनी ज़बान फेरने लगा आंटी ने कहा ये क्या कर रहे हो। आज तक किसी ने मेरी गाँड पर ज़बान नहीं फेरी मैंने जवाब दिया आंटी एक ब्लू मूवी मैंने देखी थी। आंटी ने कहा सैम तुमको तो बहुत कुछ पता है सेक्स के बारे में। अब आंटी डोगी स्टाइल में थी और मेरा लंड बेचैन था मोटी गोरी गोरी मोटी मोटी गाँड में जाने के लिये। आंटी ने कहा आराम आराम से डालना ये चूत नहीं है गाँड है। बहुत दर्द होता है। मैंने कहा आंटी आप फ़िक्र नहीं करें, मैं आराम से करूंगा। मैंने अब आंटी की गाँड में हल्का सा झटका दिया, आंटी को दर्द हुआ इनकी चीख निकल गयी। आआआह्हह्हह्हह्हह हरामी बाहर निकाल फट जायेगी रहम कर आआआआह्हह्हह्हह्हह्ह नो बेटा प्लीज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ अह्हह्हह्हह्ह ऊऊऊईईए माआ मम्मयी आअह्हह्ह बाहर निकाल। फिर मैंने अपनी स्पीड हल्की कर दी। अब हल्के हल्के मेरा पूरा लंड आंटी की गाँड में जा चुका था और आंटी को भी मज़ा आ रहा था। आंटी को भी बहुत मज़ा आया गाँड में लंड ले कर। मैंने आंटी को कहा आंटी पानी निलकले वाला है आंटी ने कहा निकाल लो। फिर आंटी ने सारा पानी फिर से पिया और लंड को चूसने लगी।

अब जब भी मौका मिलता है मैं आंटी की प्यास बुझाता हूँ।

1 comments:

R.k-365 said...

chachi aao na

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